प्यार, परिवार, बोझ

ziya1

देख सतीश तोरा के समझा दे तानी ते आज के बाद हमारा और हमारा मोहब्बत के बारे मे कुछ भी कहलीस तS हमारा से बुरा केहु ना होई। ई तेवर सोनु के देख के तS अजबे महसूस भईल हमनी सब मित्र सन के। ई बात तब के हS जब हम, मनीष, अमरजीत, इरसाद, दीपक, बिजेन्दर सब मित्र कालेज के प्रांगन मे बईठ के हँसी मजाक करत रनी सन। सतीस सोनु के गर्लफेंड के बारे मे मजाक कS देले रहे। ई बात पर सोनु सतीस से दु-तीन हफ्ता तक बात ना…

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चना जोर गरम

guru

चना जोर गरम, बाबू , तू लेल चना जोर गरम ! हमार चना बनल अलबेला, खइलन भिरगू बाबा क चेला ! जिनका नाँव प ददरी मेला , गंगा घाट प रेलम- पेला !! देख सजल दुकनियाँ ठेला, जहवाँ बिकत जलेबी केला ! भइल लइकन के झमेला , जेब मे नइखे एगो धेला !! चना जोर गरम हमार चना बनल बा ऊल, देख इ हावड़ा के पुल ! बगल मे खुलल बा इस्कुल, लइका खेल में गइले भुल !! देहिया पोतले माटी धूल, मास्टर मार दिहले दू रुल ! पिठिया हो…

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