मोल

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यह एक परिवार की कथा हैं। वर्मा जी जिनकी मृत्यु हो चुकी है। वर्मा जी की धर्मपत्नी देवकी देवी अपने एकलौते बेटे रवि का लालन – पालन अच्छा से करने के लिए क्या-क्या ना की। यहाँ तक कि जब रवि अपनी पढ़ाई बारहवीं से आगे करने को सोचा तो उसकी माँ ने पुरा-पुरा साथ दि। पहले केवल सिलाई करके ही घर और रवि की पढ़ाई की जिम्मा उठाती थी। अब रवि के पढ़ाई के लिए ज्यादा पैसा की जरुरत बढ़ी तो वह रात को सिलाई करती और दिन मे धनी-मनी…

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वेलेंटाइन पर मंगरु का लिखा खत”…

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मेरी करेजा”… वेलेंटाइन बाबा के कसम ई लभ लेटर मैं डेहरी पर चढ़कर लिख रहा हूँ… डीह बाबा काली माई के कसम आज तीन दिन से मोबाइल में टावरे नहीं पकड़ रहा था… ए करेजा”.. रिसियाना मत… मोहब्बत के दुश्मन खाली हमरे तुम्हरे बाउजी ही नहीं हैं”…. यूनिनार औ एयरसेल वालें भी हैं”… जब फोनवा नहीं मिलता है तो मनवा करता है कि गढ़ही में कूद कर जान दे दें…. अरे इन सबको आशिक़ों के दुःख का क्या पता रे”….? हम चार किलो चावल बेच के नाइट फ्री वाला पैक…

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