घृणा

ziya1

एक बेर के बात हS कि हम आनंद विहार स्टेशन से रेलगाड़ी पकड़ के छपरा अवत रहनी। टिकस रिजर्वेशन रहे पर ईहे लगभग 450 के आसपास वेटिंग  रहे। अब राउरे  लोग तS समझिये गइल होखम कि 450 वेटिंग के बाद हमरा बइठे के कहाँ जगह मिलल होई। पहिला बेर अइसन भीड़ रिजर्वेशन बोगी मे हम देखले रहनी। टिकट कंफ्रम वाला लोग के जब पेशाब लागे तS ओ लोग के सोचे के पड़े कि कवना शौचालय मे जाई जवना मे आदमी ना बैठल होखे। खाएँ पिये के समान बेचे वाला तS…

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